उद्देश्य अनुसार मंत्र
परब्रह्म (अजपा)
परब्रह्म (अजपा) जप मंत्र
सोऽहम्
नाड़ी शोधन, कुंडलिनी जागरण, श्वास का नियमन और "मैं ही वह परब्रह्म हूँ" के आत्म-बोध की प्राप्ति। 13
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
नाड़ी शोधन, कुंडलिनी जागरण, श्वास का नियमन और "मैं ही वह परब्रह्म हूँ" के आत्म-बोध की प्राप्ति। 13
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नाड़ी शोधन, कुंडलिनी जागरण, श्वास का नियमन और "मैं ही वह परब्रह्म हूँ" के आत्म-बोध की प्राप्ति
जाप विधि
बिना माला के श्वास-प्रश्वास के साथ निरंतर अजपा जप। श्वास अंदर लेते समय 'सो' और छोड़ते समय 'हम्' का मानसिक उच्चारण। 13
विशेष टिप्पणियाँ
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