भगवती महालक्ष्मी (जातवेदस अग्नि) काम्य मंत्र
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। तां म आ वह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्॥
जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन
जाप विधि
स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखते हुए प्रातः स्नान कर पूजा स्थान पर देवी की प्रतिमा के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर पुष्प, फल व चावल अर्पित करते हुए श्री सूक्त का नित्य पाठ करें 1।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
श्मशान भैरवि नररुधिरास्थि - वसाभक्षिणि सिद्धिं मे देहि मम मनोरथान् पूरय हुं फट् स्वाहा ॥
tantrik mantraॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः
mool mantraदिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा
stotra mantraविज्ञानवृद्धिं हृदये कुरु श्रीः सौभाग्यवृद्धिं कुरु मे गृहे श्रीः । दयासुवृद्धिं कुरुतां मयि श्रीः सुवर्णवृद्धिं कुरु मे गृहे श्रीः ॥ 27
gyan mantraमहो अर्णः सरस्वती प्रचेयति केतुना । धियो विश्वा विराजति ॥
jap mantraॐ ह्रीं क्लीं श्रीं क्रां क्रीं चण्डिकादेव्यै शापनाशानुग्रहं कुरु कुरु स्वाहा