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उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवती महालक्ष्मी (जातवेदस अग्नि)

भगवती महालक्ष्मी (जातवेदस अग्नि) काम्य मंत्र

ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। तां म आ वह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्॥

जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन

जाप विधि

स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखते हुए प्रातः स्नान कर पूजा स्थान पर देवी की प्रतिमा के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर पुष्प, फल व चावल अर्पित करते हुए श्री सूक्त का नित्य पाठ करें 1।

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