ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवती महालक्ष्मी (जातवेदस अग्नि)

भगवती महालक्ष्मी (जातवेदस अग्नि) काम्य मंत्र

ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। तां म आ वह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्॥

जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन

जाप विधि

स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखते हुए प्रातः स्नान कर पूजा स्थान पर देवी की प्रतिमा के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर पुष्प, फल व चावल अर्पित करते हुए श्री सूक्त का नित्य पाठ करें 1।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

shanti mantra

ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

kavach mantra

श्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27

sabar mantra

क्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18

tantrik mantra

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं हसौः जगत्प्रसूत्यै नमः

ugra mantra

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं असितांग भैरवाय नमः

naam mantra

गणपति