भगवती महालक्ष्मी (जातवेदस अग्नि) काम्य मंत्र
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। तां म आ वह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्॥
जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में अपार धन, स्थिर समृद्धि और सुख-शांति का स्थायी आगमन
जाप विधि
स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखते हुए प्रातः स्नान कर पूजा स्थान पर देवी की प्रतिमा के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर पुष्प, फल व चावल अर्पित करते हुए श्री सूक्त का नित्य पाठ करें 1।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
अहं ब्रह्मास्मि
vaidik mantraॐ त्वामग्ने पुष्करादध्यथर्वा निरमन्थत । मूर्ध्नो विश्वस्य वाघतः ॥
stotra mantraव्यासाय विष्णुरूपाय व्यासरूपाय विष्णवे । नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय नमो नमः ॥ 10
navgrah mantraॐ रां राहवे नमः
tantrik mantraॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्
bhakti mantraहरि ओम तत्सत जय गुरु दत्त