देवी दुर्गा काम्य मंत्र
दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय॥
किसी कार्य विशेष में सफलता (सिद्धि) मिलेगी या असफलता, इसका स्वप्न के माध्यम से पूर्व-आभास प्राप्त करना 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
किसी कार्य विशेष में सफलता (सिद्धि) मिलेगी या असफलता, इसका स्वप्न के माध्यम से पूर्व-आभास प्राप्त करना 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
किसी कार्य विशेष में सफलता (सिद्धि) मिलेगी या असफलता, इसका स्वप्न के माध्यम से पूर्व-आभास प्राप्त करना
जाप विधि
किसी विशेष कार्य के परिणाम को जानने हेतु रात्रि में सोने से पूर्व देवी का स्मरण करते हुए इस मंत्र का १०८ बार जप कर सो जाएं 28।
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