भगवान श्री राम भक्ति मंत्र
रामचन्द्रचरणौ शरणं प्रपद्ये
भगवान रामचंद्र के युगल चरणों में अटूट निष्ठा और अनन्य आश्रय की प्राप्ति, जिससे जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त हो सके 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भगवान रामचंद्र के युगल चरणों में अटूट निष्ठा और अनन्य आश्रय की प्राप्ति, जिससे जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त हो सके 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
भगवान रामचंद्र के युगल चरणों में अटूट निष्ठा और अनन्य आश्रय की प्राप्ति, जिससे जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त हो सके
जाप विधि
यह प्रपत्ति (पूर्ण आत्मसमर्पण) का मंत्र है। इसे नित्य पूजा के अंत में या ध्यान की अवस्था में बैठकर मानसिक रूप से जपा जाता है 15।
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