ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान गौरी-शंकर

भगवान गौरी-शंकर भक्ति मंत्र

ॐ गौरीशंकराय नमः

दांपत्य जीवन में आध्यात्मिक सामंजस्य और प्रेम, घर में अपार सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि और शिव-शक्ति दोनों की संयुक्त कृपा तथा शुद्ध भक्ति प्राप्त करना 51।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारभक्ति मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

दांपत्य जीवन में आध्यात्मिक सामंजस्य और प्रेम, घर में अपार सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि और शिव-शक्ति दोनों की संयुक्त कृपा तथा शुद्ध भक्ति प्राप्त करना 51।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

दांपत्य जीवन में आध्यात्मिक सामंजस्य और प्रेम, घर में अपार सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि और शिव-शक्ति दोनों की संयुक्त कृपा तथा शुद्ध भक्ति प्राप्त करना

जाप विधि

इस युगल मंत्र का जप एकांत व स्वच्छ स्थान पर रुद्राक्ष की माला से किया जाता है 51। इसे सोमवार या महाशिवरात्रि के विशेष दिन सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत स्तर पर कम से कम १०८ बार जपना चाहिए 51। जप करते समय भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर या कल्याणकारी युगल स्वरूप का मानसिक ध्यान करना अनिवार्य है 51।

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