भगवान गौरी-शंकर भक्ति मंत्र
ॐ गौरीशंकराय नमः
दांपत्य जीवन में आध्यात्मिक सामंजस्य और प्रेम, घर में अपार सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि और शिव-शक्ति दोनों की संयुक्त कृपा तथा शुद्ध भक्ति प्राप्त करना 51।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दांपत्य जीवन में आध्यात्मिक सामंजस्य और प्रेम, घर में अपार सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि और शिव-शक्ति दोनों की संयुक्त कृपा तथा शुद्ध भक्ति प्राप्त करना 51।
इस मंत्र से क्या होगा?
दांपत्य जीवन में आध्यात्मिक सामंजस्य और प्रेम, घर में अपार सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि और शिव-शक्ति दोनों की संयुक्त कृपा तथा शुद्ध भक्ति प्राप्त करना
जाप विधि
इस युगल मंत्र का जप एकांत व स्वच्छ स्थान पर रुद्राक्ष की माला से किया जाता है 51। इसे सोमवार या महाशिवरात्रि के विशेष दिन सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत स्तर पर कम से कम १०८ बार जपना चाहिए 51। जप करते समय भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर या कल्याणकारी युगल स्वरूप का मानसिक ध्यान करना अनिवार्य है 51।
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