ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
अग्नि देवता (धारणावती मेधा)

अग्नि देवता (धारणावती मेधा) ज्ञान मंत्र

सदसस्पतिमद्भुतं प्रियमिन्द्रस्य काम्यम् । सनिं मेधामयासिषं स्वाहा ॥

'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना 2।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना 2।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना

जाप विधि

प्रातःकाल पवित्र होकर नित्य पाठ एवं आहुति 2।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

shanti mantra

ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

kaamya mantra

देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥

stotra mantra

दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयुथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः।। 7

beej mantra

लं

navgrah mantra

ॐ भास्कराय विद्महे महद्द्युतिकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।

vaidik mantra

ॐ इयं वेदिः परो अन्तः पृथिव्या अयं यज्ञो भुवनस्य नाभिः । अयं सोमो वृष्णो अश्वस्य रेतो ब्रह्मायं वाचः परमं व्योम ॥