अग्नि देवता (धारणावती मेधा) ज्ञान मंत्र
सदसस्पतिमद्भुतं प्रियमिन्द्रस्य काम्यम् । सनिं मेधामयासिषं स्वाहा ॥
'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना 2।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना 2।
इस मंत्र से क्या होगा?
'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना
जाप विधि
प्रातःकाल पवित्र होकर नित्य पाठ एवं आहुति 2।
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