ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
अग्नि देवता (धारणावती मेधा)

अग्नि देवता (धारणावती मेधा) ज्ञान मंत्र

सदसस्पतिमद्भुतं प्रियमिन्द्रस्य काम्यम् । सनिं मेधामयासिषं स्वाहा ॥

'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना 2।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना 2।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

'धारणावती मेधा' अर्थात् पढ़ी हुई विद्या को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की शक्ति प्राप्त करना

जाप विधि

प्रातःकाल पवित्र होकर नित्य पाठ एवं आहुति 2।

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