माँ सरस्वती (विद्यारम्भ मंत्र) ज्ञान मंत्र
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि । विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥
स्मरण शक्ति, एकाग्रता और विद्याध्ययन में निर्विघ्न एवं स्थायी सफलता 4।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
स्मरण शक्ति, एकाग्रता और विद्याध्ययन में निर्विघ्न एवं स्थायी सफलता 4।
इस मंत्र से क्या होगा?
स्मरण शक्ति, एकाग्रता और विद्याध्ययन में निर्विघ्न एवं स्थायी सफलता
जाप विधि
किसी भी नवीन शिक्षा, पाठ्यक्रम या विद्या के आरम्भ से पूर्व जप 4।
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ॐ श्री दुर्गायै नमः
kavach mantraनासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम् ॥ ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु ॥ पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः ॥ ओम ह्रीम श्रीम लक्ष्मी नमः चिरकाल तक मेरे पैरों का पालन करें ओम ह्रीम श्रीम नमः पद्माए स्वाहा नितम भाग की रक्षा करें ओम श्रीम महालक्ष्मी स्वाहा मेरे सर्वांग की सदा रक्षा करें ओम ह्रीम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी स्वाहा आद्या शक्ति महालक्ष्मी भक्तानुग्रहकारिणी धारके पाठके चैव निश्चला निवसे ध्रुवं तंत्रोक्तम लक्ष्मी कवच संपूर्ण ओम 31
beej mantraबं, भं, मं, यं, लं, रं
ugra mantraॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा
dhyan mantraॐ
stotra mantraसर्वः शर्वः शिवः स्थाणुर्भूतादिर्निधिरव्ययः। सम्भवो भावनो भर्ता प्रभवः प्रभुरीश्वरः ॥ 12