उद्देश्य अनुसार मंत्र
ब्रह्मविद्या / परमतत्त्व (पवमान विद्या मंत्र)
ब्रह्मविद्या / परमतत्त्व (पवमान विद्या मंत्र) ज्ञान मंत्र
ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
अज्ञान रूपी अंधकार से शुद्ध ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर आत्मिक गमन और सत्य विद्या की प्राप्ति 9।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
अज्ञान रूपी अंधकार से शुद्ध ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर आत्मिक गमन और सत्य विद्या की प्राप्ति 9।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अज्ञान रूपी अंधकार से शुद्ध ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर आत्मिक गमन और सत्य विद्या की प्राप्ति
जाप विधि
विद्यार्जन, ध्यान या नित्य उपासना के समय एकाग्रचित्त होकर पाठ 9।
विशेष टिप्पणियाँ
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