ब्रह्मविद्या / परमतत्त्व (पवमान विद्या मंत्र) ज्ञान मंत्र
ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
अज्ञान रूपी अंधकार से शुद्ध ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर आत्मिक गमन और सत्य विद्या की प्राप्ति 9।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अज्ञान रूपी अंधकार से शुद्ध ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर आत्मिक गमन और सत्य विद्या की प्राप्ति 9।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञान रूपी अंधकार से शुद्ध ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर आत्मिक गमन और सत्य विद्या की प्राप्ति
जाप विधि
विद्यार्जन, ध्यान या नित्य उपासना के समय एकाग्रचित्त होकर पाठ 9।
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ॐ सहस्रार हुं फट्
beej mantraब्रीं
stotra mantraव्यासं वसिष्ठनप्तारं शक्तेः पौत्रमकल्मषम् । पराशरात्मजं वन्दे शुकतातं तपोनिधिम् ॥ 10
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dhyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
navgrah mantraॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।