श्री हनुमान / संकटमोचन हनुमानाष्टक स्तोत्र मंत्र
॥ दोहा ॥ लाल देह लाली लसे, अरू धरि लाल लंगूर । बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ॥ 40
घोर संकटों से मुक्ति, अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति और समस्त नकारात्मक परिस्थितियों से बचाव 39।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
घोर संकटों से मुक्ति, अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति और समस्त नकारात्मक परिस्थितियों से बचाव 39।
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर संकटों से मुक्ति, अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति और समस्त नकारात्मक परिस्थितियों से बचाव
जाप विधि
संकल्प लेकर 41 दिन तक प्रतिदिन 108 पाठ करें और 41वें दिन दशांश हवन करें। मंगलवार का दिन विशेष फलदायी है 39।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
सुब्रह्मण्य
siddh mantraॐ नमः उच्छिष्ट-गणेशाय हस्ति-पिशाचि-लिखे स्वाहा ।
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
gyan mantraॐ अक्षरेस्वराय विद्महे मन्त्रराजाय धीमहि तन्नो हयग्रीवः प्रचोदयात् ॥
vaidik mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेमहि देवहितं यदायुः ॥
mool mantraॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः (सामान्य मूल: ॐ सूर्याय नमः)