ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माँ सरस्वती (ज्ञान-सिद्धि स्वरूप)

माँ सरस्वती (ज्ञान-सिद्धि स्वरूप) ज्ञान मंत्र

सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने । विश्वरूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तु ते ॥

ब्रह्माण्ड में विद्यमान समस्त विद्याओं और सर्वोच्च ज्ञान-सम्पदा की प्राप्ति 4।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ब्रह्माण्ड में विद्यमान समस्त विद्याओं और सर्वोच्च ज्ञान-सम्पदा की प्राप्ति 4।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ब्रह्माण्ड में विद्यमान समस्त विद्याओं और सर्वोच्च ज्ञान-सम्पदा की प्राप्ति

जाप विधि

ज्ञान और शक्तियों की प्राप्ति हेतु श्रद्धापूर्वक नित्य पाठ 4।

विशेष टिप्पणियाँ

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नासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20

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