राहु देव जप मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
अज्ञात भय एवं दुस्वप्न का नाश, अचानक आने वाली बाधाओं से सुरक्षा और कालसर्प दोष की शांति। 60
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अज्ञात भय एवं दुस्वप्न का नाश, अचानक आने वाली बाधाओं से सुरक्षा और कालसर्प दोष की शांति। 60
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञात भय एवं दुस्वप्न का नाश, अचानक आने वाली बाधाओं से सुरक्षा और कालसर्प दोष की शांति
जाप विधि
१८००० जप संख्या (४० दिन में), रुद्राक्ष माला, रात्रिकाल में। (वैकल्पिक: ॐ रां राहवे नमः) 24
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देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥
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sabar mantraक्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18
naam mantraवामन
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