ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
सूर्यनारायण / सवितृमंडल

सूर्यनारायण / सवितृमंडल ध्यान मंत्र

ध्येयः सदा सवितृमण्डलमध्यवर्ती नारायणः सरसिजासनसन्निविष्टः। केयूरवान्मकरकुण्डलवान् किरीटी हारी हिरण्मयवपुर्धृतशङ्खचक्रः॥

आलस्य, प्रमाद और नकारात्मक ऊर्जा का नाश, आरोग्य व तेजस्विता की प्राप्ति, और ध्यान को ज्योतिर्मय तत्त्व पर एकाग्र करना।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारध्यान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

आलस्य, प्रमाद और नकारात्मक ऊर्जा का नाश, आरोग्य व तेजस्विता की प्राप्ति, और ध्यान को ज्योतिर्मय तत्त्व पर एकाग्र करना।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

आलस्य, प्रमाद और नकारात्मक ऊर्जा का नाश, आरोग्य व तेजस्विता की प्राप्ति, और ध्यान को ज्योतिर्मय तत्त्व पर एकाग्र करना

जाप विधि

प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के समय इसका पाठ करें। सूर्य के प्रकाशमय मंडल के मध्य कमल पर आसीन, स्वर्णिम आभा वाले भगवान नारायण की मानसिक छवि भृकुटी में बनाएं।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

ugra mantra

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं प्रत्यंगिरे मां रक्ष रक्ष मम शत्रून् भंजय-भंजय हुं फट् स्वाहा

siddh mantra

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय पराय परमपुरुषाय परात्मने परकर्म मन्त्र यन्त्र तन्त्र औषध विष आभिचार अस्त्र शस्त्र संहर संहर मृत्युर् मोचय मोचय । ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय । ॐ प्रीं रीं रुँ दीप्त्रेय ज्वलापरीताय सर्वदिग्क्षोभनकाराय कारय हुं फट् परब्रह्मणे परमज्योतिषे स्वाहा ।

stotra mantra

यथा हि भगवानेव वस्तुतः सद्सच्च यत्। सत्यनानेन नः सर्वे यान्तु नाशमुपाद्रवाः।। 7

vaidik mantra

ॐ अग्निर्वृत्राणि जङ्घनत् द्रविणस्युर्विपन्यया । समिद्धः शुक्र आहुतः ॥

naam mantra

हंसवाहिनी

shanti mantra

ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्माऽमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥