ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
विपरीत प्रत्यंगिरा (अरिष्ट निवारक)

विपरीत प्रत्यंगिरा (अरिष्ट निवारक) उग्र मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं प्रत्यंगिरे मां रक्ष रक्ष मम शत्रून् भंजय-भंजय हुं फट् स्वाहा

आर्थिक, मानसिक और सामाजिक क्षति पहुंचाने वाले शत्रु का दमन, राजकीय व प्रशासनिक बाधा निवारण, तथा खोया हुआ पद व गरिमा पुनः प्राप्त करना 4।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

आर्थिक, मानसिक और सामाजिक क्षति पहुंचाने वाले शत्रु का दमन, राजकीय व प्रशासनिक बाधा निवारण, तथा खोया हुआ पद व गरिमा पुनः प्राप्त करना 4।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

आर्थिक, मानसिक और सामाजिक क्षति पहुंचाने वाले शत्रु का दमन, राजकीय व प्रशासनिक बाधा निवारण, तथा खोया हुआ पद व गरिमा पुनः प्राप्त करना

जाप विधि

अपनी देह की रक्षा हेतु दशों दिशाओं का दिग्बंध कर (ॐ भूर्भुव स्वः बोलते हुए चुटकी बजाकर), करन्यास व हृदयादिन्यास विधि के साथ जप 4।

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