माता महाकाली भक्ति मंत्र
ॐ श्री कालिकायै नमः
अचानक आए भारी संकटों से तत्काल मुक्ति, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध, लोभ आदि) पर विजय, जीवन में शक्तिशाली सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह और माता काली के प्रति अनन्य भक्ति एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करना 5
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अचानक आए भारी संकटों से तत्काल मुक्ति, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध, लोभ आदि) पर विजय, जीवन में शक्तिशाली सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह और माता काली के प्रति अनन्य भक्ति एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करना 55।
इस मंत्र से क्या होगा?
अचानक आए भारी संकटों से तत्काल मुक्ति, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध, लोभ आदि) पर विजय, जीवन में शक्तिशाली सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह और माता काली के प्रति अनन्य भक्ति एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करना
जाप विधि
इस सिद्ध नाम-मंत्र का जप रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला पर पूर्ण पवित्रता के साथ किया जाना चाहिए 45। इसे मंगलवार या शुक्रवार के दिन माता काली के चित्र के सम्मुख मीठा पान या मिष्ठान का भोग लगाकर १०८ बार जपना श्रेष्ठ है 55। जप के समय मन में किसी के अहित की भावना नहीं होनी चाहिए, केवल माता के प्रति निष्काम दास भाव होना चाहिए 55।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
श्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27
jap mantraॐ ह्रीं सरस्वत्यै नमः
beej mantraक्ष्रौं
dhyan mantraॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ugra mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा
shanti mantraॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥