भगवान श्री दत्तात्रेय भक्ति मंत्र
श्री गुरुदेव दत्त
सांसारिक कष्टों और पूर्वजों के ऋण (पितृ दोष) से मुक्ति, आध्यात्मिक जागृति, और परब्रह्म के रूप में गुरु दत्तात्रेय के प्रति अगाध प्रेम और पूर्ण शरणागति की प्राप्ति 79।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सांसारिक कष्टों और पूर्वजों के ऋण (पितृ दोष) से मुक्ति, आध्यात्मिक जागृति, और परब्रह्म के रूप में गुरु दत्तात्रेय के प्रति अगाध प्रेम और पूर्ण शरणागति की प्राप्ति 79।
इस मंत्र से क्या होगा?
सांसारिक कष्टों और पूर्वजों के ऋण (पितृ दोष) से मुक्ति, आध्यात्मिक जागृति, और परब्रह्म के रूप में गुरु दत्तात्रेय के प्रति अगाध प्रेम और पूर्ण शरणागति की प्राप्ति
जाप विधि
गुरु परंपरा और नाथ व दत्त संप्रदाय में इस नाम-मंत्र का जप पूर्ण शुद्धता के साथ स्फटिक या रुद्राक्ष की माला पर १०८ बार किया जाता है 77। देसी घी का दीपक प्रज्वलित कर, पूर्ण विश्वास के साथ गुरु और ईश्वर को एक ही स्वरूप मानकर इसका मानसिक जप करना चाहिए 79।
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