भगवान श्री राम भक्ति मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम
इस मंत्र के जप से असीम मानसिक शांति, आत्मबल, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का शक्तिशाली संचार, और भगवान श्री राम के प्रति एकनिष्ठ भक्ति प्राप्त होती है 37। यह विगत कर्मों को शुद्ध कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
इस मंत्र के जप से असीम मानसिक शांति, आत्मबल, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का शक्तिशाली संचार, और भगवान श्री राम के प्रति एकनिष्ठ भक्ति प्राप्त होती है 37। यह विगत कर्मों को शुद्ध कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है और मन की चंचलता को पूर्णतः समाप्त करता है 22।
इस मंत्र से क्या होगा?
इस मंत्र के जप से असीम मानसिक शांति, आत्मबल, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का शक्तिशाली संचार, और भगवान श्री राम के प्रति एकनिष्ठ भक्ति प्राप्त होती है 37
यह विगत कर्मों को शुद्ध कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है और मन की चंचलता को पूर्णतः समाप्त करता है
जाप विधि
श्री गोंदवलेकर महाराज एवं समर्थ रामदास की संत परंपरा में इस त्रयोदशाक्षर (१३ अक्षरों वाले) मंत्र का जप सर्वोपरि माना गया है 34। इसके जप में किसी विशेष नियम, ब्रह्मचर्य या कर्मकांड की कठोर आवश्यकता नहीं है; साधक को केवल पवित्र और निष्कपट हृदय से इस नाम का निरंतर उच्चारण करना है 36। इसे एकांत में बैठकर श्वास-प्रश्वास के चक्र के साथ लयबद्ध करके (अजपा जप की अवस्था में) जपने से सर्वोच्च लाभ होता है, जहाँ ध्वनि और श्वास एक हो जाते हैं 4।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
यशोदानंदन
kavach mantraनासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम् ॥ ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु ॥ पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः ॥ ओम ह्रीम श्रीम लक्ष्मी नमः चिरकाल तक मेरे पैरों का पालन करें ओम ह्रीम श्रीम नमः पद्माए स्वाहा नितम भाग की रक्षा करें ओम श्रीम महालक्ष्मी स्वाहा मेरे सर्वांग की सदा रक्षा करें ओम ह्रीम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी स्वाहा आद्या शक्ति महालक्ष्मी भक्तानुग्रहकारिणी धारके पाठके चैव निश्चला निवसे ध्रुवं तंत्रोक्तम लक्ष्मी कवच संपूर्ण ओम 31
sabar mantraरक्षपाल आठवा दंड क्षेत्रपाल भैरव हाथ भर खप्पर तेल सिंदूर रक्षपाल येता अष्ट भैरव सदा रहो कृपाल दंड हमारा पिंड का प्राण वज्र हो काया कर रक्षा काली का पूत आवे दंड जावे दंड सो काल भागे 12 कोस काला दंड शीर कंटक का फोड़ हमको रख दुष्ट को पक ऐता भैरव दंड मंत्र संपूर्ण भया श्री नाथ जी गुरु जी को आदेश आदेश सत्य नमो आदेश गुरु जी को आदेश ओम गुरु 10
beej mantraक्रीं
gyan mantraज्ञानम् आनंद मयं देवं निर्मल स्पटिकाकृतिम् । आधारं सर्व विद्यानां हयग्रीवं उपास्मे ॥
mool mantraॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः