भगवान श्री राम भक्ति मंत्र
श्री राम जय राम कोदण्ड राम
कोदण्ड धनुष अजेयता का प्रतीक है; अतः यह मंत्र अजेयता, जीवन के सभी प्रकार के भयों से मुक्ति, और ब्रह्मांडीय शक्तियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर ईश्वर के प्रति वीर भाव की भक्ति प्रदान करता है 39।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
कोदण्ड धनुष अजेयता का प्रतीक है; अतः यह मंत्र अजेयता, जीवन के सभी प्रकार के भयों से मुक्ति, और ब्रह्मांडीय शक्तियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर ईश्वर के प्रति वीर भाव की भक्ति प्रदान करता है 39।
इस मंत्र से क्या होगा?
कोदण्ड धनुष अजेयता का प्रतीक है
अतः यह मंत्र अजेयता, जीवन के सभी प्रकार के भयों से मुक्ति, और ब्रह्मांडीय शक्तियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर ईश्वर के प्रति वीर भाव की भक्ति प्रदान करता है
जाप विधि
इस मंत्र का जप संकट के समय या नित्य साधना में तुलसी की माला पर किया जाता है 39। भगवान राम के हाथ में 'कोदण्ड' धनुष का ध्यान करते हुए पूर्ण आत्मविश्वास के साथ इसे जपना चाहिए 39।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
शम्भो
jap mantraॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय वैराजमूर्तये मेघात्मने श्रीं नरसिंहवपुषे नमः
siddh mantraॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा
gyan mantraॐ अर्हं मुखकमलवासिनी पापात्मक्षयंकारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा ॥
kavach mantraनासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
sabar mantraमाई नथिया पांचो बावरी पीर गोगा जहार वर तेरे साथ चले चलो इस्माइल जोगी चलो मेरे शब्द पर चलो सत्य पर धर्म पर चलो ना चलो तो आदि शक्ति कामाख्या की आन माता सहजा योगिन की आन शिवशंकर की आन शब्द साचा पेंड काचा देखो इस्माल जोगी तेरे शब्द का तमाशा सत्य का नाम आदेश आदेश आदेश 14