मत्स्य अवतार मूल मंत्र
ॐ मत्स्याय नमः
भवन के सभी प्रकार के वास्तु दोषों का शमन (जिस प्रकार मछली तालाब को स्वच्छ करती है), व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि, संकटों एवं प्रलयंकारी परिस्थितियों के समय बचाव एवं धन-समृद्धि का आगमन 14।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
भवन के सभी प्रकार के वास्तु दोषों का शमन (जिस प्रकार मछली तालाब को स्वच्छ करती है), व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि, संकटों एवं प्रलयंकारी परिस्थितियों के समय बचाव एवं धन-समृद्धि का आगमन 14।
इस मंत्र से क्या होगा?
भवन के सभी प्रकार के वास्तु दोषों का शमन (जिस प्रकार मछली तालाब को स्वच्छ करती है), व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि, संकटों एवं प्रलयंकारी परिस्थितियों के समय बचाव एवं धन-समृद्धि का आगमन
जाप विधि
जल पात्र के समीप बैठकर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके तुलसी की माला से १०८ बार जप करें। इसे विशेष रूप से सत्य युग की ऊर्जा को जाग्रत करने हेतु जपा जाता है 14।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
gyan mantraॐ नमो भगवति सरस्वती परमेश्वरी वाग्वादिनी मं विद्यां देहि भगवति हंसवाहिनी हंससमारूढा बुद्धिं देहि देहि प्रज्ञां देहि देहि विद्या परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा ॥
naam mantraरघुनाथ
stotra mantraयन्नो भयं ग्रहेभ्यो भूत् केतुभ्यो नृभ्य एव च। सरीसृपेभ्यो दंष्ट्रिभ्यो भूतेभ्योंऽहोभ्य एव वा।। 7
tantrik mantraक ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं स क ल ह्रीं
sabar mantraगुरु गोरखनाथ की दुहाई, फूल चढ़े तो वह मोहे। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना 13