ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
मत्स्य अवतार

मत्स्य अवतार मूल मंत्र

ॐ मत्स्याय नमः

भवन के सभी प्रकार के वास्तु दोषों का शमन (जिस प्रकार मछली तालाब को स्वच्छ करती है), व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि, संकटों एवं प्रलयंकारी परिस्थितियों के समय बचाव एवं धन-समृद्धि का आगमन 14।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

भवन के सभी प्रकार के वास्तु दोषों का शमन (जिस प्रकार मछली तालाब को स्वच्छ करती है), व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि, संकटों एवं प्रलयंकारी परिस्थितियों के समय बचाव एवं धन-समृद्धि का आगमन 14।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भवन के सभी प्रकार के वास्तु दोषों का शमन (जिस प्रकार मछली तालाब को स्वच्छ करती है), व्यवसाय में अभूतपूर्व वृद्धि, संकटों एवं प्रलयंकारी परिस्थितियों के समय बचाव एवं धन-समृद्धि का आगमन

जाप विधि

जल पात्र के समीप बैठकर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके तुलसी की माला से १०८ बार जप करें। इसे विशेष रूप से सत्य युग की ऊर्जा को जाग्रत करने हेतु जपा जाता है 14।

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