भगवान हयग्रीव (हंस गायत्री स्वरूप) ज्ञान मंत्र
ॐ वागीश्वराय विद्महे हयग्रीवाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात् ॥
बौद्धिक जड़ता का निवारण, वाक्-सिद्धि और उच्च शिक्षा में सफलता 18।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
बौद्धिक जड़ता का निवारण, वाक्-सिद्धि और उच्च शिक्षा में सफलता 18।
इस मंत्र से क्या होगा?
बौद्धिक जड़ता का निवारण, वाक्-सिद्धि और उच्च शिक्षा में सफलता
जाप विधि
प्रातःकाल संध्यावंदन के समय नित्य जप 18।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
tantrik mantraॐ स्वर्णाकर्षण भैरवं देवं सर्व शक्ति समन्वितम् सर्व अभीष्ट फलं देहि श्री क्षेत्रपाल नमोस्तुते
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ अग्निं दूतं वृणीमहे होतारं विश्ववेदसम् । अस्य यज्ञस्य सुक्रतुम् ॥
kaamya mantraहारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम॥
naam mantraचामुंडा