माता सरस्वती काम्य मंत्र
ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः।
अज्ञानता का नाश, एकाग्रता में वृद्धि और विद्या एवं ज्ञान में सफलता 19।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अज्ञानता का नाश, एकाग्रता में वृद्धि और विद्या एवं ज्ञान में सफलता 19।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञानता का नाश, एकाग्रता में वृद्धि और विद्या एवं ज्ञान में सफलता
जाप विधि
विद्यारंभ से पूर्व और नित्य अध्ययन करने से पहले स्फटिक की माला से जप करें 19।
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त्रीं
mool mantraॐ ह्रीं ह्रीं साफल्यायै सिद्धये ॐ नमः
stotra mantraयः स्वात्मनीदं निजमाययार्पितं क्वचिद्विभातं क्व च तत्तिरोहितम । अविद्धदृक साक्ष्युभयं तदीक्षते स आत्म मूलोsवत् मां परात्परः ॥ 4
kavach mantraनासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
naam mantraसाम्ब सदाशिव
vaidik mantraॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशांगुलम् ॥