माता सरस्वती काम्य मंत्र
ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः।
अज्ञानता का नाश, एकाग्रता में वृद्धि और विद्या एवं ज्ञान में सफलता 19।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अज्ञानता का नाश, एकाग्रता में वृद्धि और विद्या एवं ज्ञान में सफलता 19।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञानता का नाश, एकाग्रता में वृद्धि और विद्या एवं ज्ञान में सफलता
जाप विधि
विद्यारंभ से पूर्व और नित्य अध्ययन करने से पहले स्फटिक की माला से जप करें 19।
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सकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17
tantrik mantraॐ हं सं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः
bhakti mantraजय गणेश जय जय गणनाता
beej mantraब्रां
dhyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
sabar mantraॐ पीर बजरंगी राम लक्ष्मण के संगी, जहां जहां जाए, फतह के डंके बजाये, दुहाई माता अञ्जनि की आन 9