भगवान शिव नाम मंत्र
पशुपतिनाथ
पाशविक प्रवृत्तियों (काम, क्रोध, लोभ) से मुक्ति एवं हृदय में करुणा का विकास।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
पाशविक प्रवृत्तियों (काम, क्रोध, लोभ) से मुक्ति एवं हृदय में करुणा का विकास।
इस मंत्र से क्या होगा?
पाशविक प्रवृत्तियों (काम, क्रोध, लोभ) से मुक्ति एवं हृदय में करुणा का विकास
जाप विधि
जीव-जंतुओं की सेवा करते समय या अपनी निम्न प्रवृत्तियों के उदय के समय स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ नमो नृसिंहाय हिरण्यकश्यप-वक्ष-स्थल-विदारणाय त्रिभुवनव्यापकाय भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी कुलोन्मूल नाशाय स्तम्भोद्भवाय समस्तदोषान् हर-हर विसर-विसर पच-पच-हन-हन-कम्पय-कम्पय मथ-मथ ह्रीं ह्रीं फट् फट् एह्येहि रुद्र आज्ञापयति स्वाहा
beej mantraश्रौं
navgrah mantraॐ अङ्गारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।
siddh mantraॐ नमः वज्र का कोठा । जिसमे पिण्ड हमारो पेठा । ईश्वर कुंजी । ब्रह्मा का ताला । मेरे आठो धाम का यति हनुमंत रखवाला ॥
bhakti mantraहरि ओम तत्सत जय गुरु दत्त
gyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥