बटुक भैरव काम्य मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।
भूत-प्रेत, पिशाच, घोर नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु बाधा से त्वरित मुक्ति, एवं कोर्ट-कचहरी में प्रबल विजय 27।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भूत-प्रेत, पिशाच, घोर नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु बाधा से त्वरित मुक्ति, एवं कोर्ट-कचहरी में प्रबल विजय 27।
इस मंत्र से क्या होगा?
भूत-प्रेत, पिशाच, घोर नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु बाधा से त्वरित मुक्ति, एवं कोर्ट-कचहरी में प्रबल विजय
जाप विधि
किसी भी कार्य में बाधा आने पर संकल्प लेकर एक दिन में १००८ बार जप करें, तत्पश्चात नित्य १०८ बार जप करें। शत्रु बाधा निवारण के लिए मानसिक संकल्प लेकर जप करें 27।
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ॐ गं गरिमायै नमः स्वाहा ।
tantrik mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ ह्रीं ह्रीं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा
mool mantraॐ नृं नृं नृं नरसिंहाय नमः
stotra mantraया कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।। 28
gyan mantraॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
jap mantraॐ कार्तिकेयाय विद्महे वल्लीनाथाय धीमहि तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात्