बटुक भैरव काम्य मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।
भूत-प्रेत, पिशाच, घोर नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु बाधा से त्वरित मुक्ति, एवं कोर्ट-कचहरी में प्रबल विजय 27।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भूत-प्रेत, पिशाच, घोर नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु बाधा से त्वरित मुक्ति, एवं कोर्ट-कचहरी में प्रबल विजय 27।
इस मंत्र से क्या होगा?
भूत-प्रेत, पिशाच, घोर नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु बाधा से त्वरित मुक्ति, एवं कोर्ट-कचहरी में प्रबल विजय
जाप विधि
किसी भी कार्य में बाधा आने पर संकल्प लेकर एक दिन में १००८ बार जप करें, तत्पश्चात नित्य १०८ बार जप करें। शत्रु बाधा निवारण के लिए मानसिक संकल्प लेकर जप करें 27।
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