श्रीकृष्ण (संतान गोपाल) काम्य मंत्र
ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
बार-बार हो रहे गर्भपात से रक्षा, गर्भधारण की बाधाओं का नाश और गुणवान, तेजस्वी संतान की प्राप्ति 16।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
बार-बार हो रहे गर्भपात से रक्षा, गर्भधारण की बाधाओं का नाश और गुणवान, तेजस्वी संतान की प्राप्ति 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
बार-बार हो रहे गर्भपात से रक्षा, गर्भधारण की बाधाओं का नाश और गुणवान, तेजस्वी संतान की प्राप्ति
जाप विधि
पति-पत्नी दोनों मिलकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके सवा-सवा लाख (कुल २.५ लाख) जप करें। तदुपरांत २५,००० मंत्रों का दशांश हवन करें और २१ ब्राह्मणों को भोजन कराएं 16।
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ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ यत्प्रज्ञानमुत चेतो धृतिश्च यज्ज्योतिरन्तरमृतं प्रजासु । यस्मान्न ऋते किंचन कर्म क्रियते तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
dhyan mantraमनोबुद्ध्यहङ्कारचित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुश्चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥
mool mantraॐ हुं हुं शत्रुस्तम्भनाय हुं हुं ॐ फट्
navgrah mantraॐ चित्रवर्णाय विद्महे सर्परूपाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।