भगवान दक्षिणामूर्ति काम्य मंत्र
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति 21।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति 21।
इस मंत्र से क्या होगा?
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति
जाप विधि
नित्य प्रातः स्नान के पश्चात भगवान दक्षिणामूर्ति का ध्यान कर श्रद्धापूर्वक जप करें 21।
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वद वद वाग्वादिनी स्वाहा ॥
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