भगवान दक्षिणामूर्ति काम्य मंत्र
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति 21।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति 21।
इस मंत्र से क्या होगा?
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति
जाप विधि
नित्य प्रातः स्नान के पश्चात भगवान दक्षिणामूर्ति का ध्यान कर श्रद्धापूर्वक जप करें 21।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ गजध्वजाय विद्महे शुकहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
sabar mantraऊँ नमो आदेश गुरु गोरखनाथ की। शत्रु सवा लाख, एक मरे तो सब सिधाय 13
tantrik mantraॐ धूम्र लोचनी उग्र रूपिनी सकल विष्छेदिनी सकल विष संचय नाशय नाशय मारय मारय विषमज्वर ताप ज्वर शीत ज्वर वात ज्वर लूत ज्वर पयत्य ज्वर श्लेष्म ज्वर मोह ज्वर संदीपात ज्वर प्रेत ज्वर पिशाच ज्वर कृत्रिम ज्वर सकल रोग निवारिणी सकल ग्रह छेदिनी धूं धूं धूं धूं धूं धूमावती माम रक्षा रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा
stotra mantraअग्राह्यः शाश्वतः कृष्णो लोहिताक्षः प्रतर्दनः । प्रभूतस्त्रिककुब्धाम पवित्रं मङ्गलं परम् ॥ 12
mool mantraॐ नमो भगवते वासुदेवाय
gyan mantraवद वद वाग्वादिनी स्वाहा ॥