भगवान दक्षिणामूर्ति काम्य मंत्र
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति 21।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति 21।
इस मंत्र से क्या होगा?
पढ़ाई में निश्चित सफलता, कुशाग्र बुद्धि (मेधा) और प्रज्ञा (विवेक) की प्राप्ति
जाप विधि
नित्य प्रातः स्नान के पश्चात भगवान दक्षिणामूर्ति का ध्यान कर श्रद्धापूर्वक जप करें 21।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ खें खां खं फट् प्राण-ग्रहासि प्राण-ग्रहासि हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणाय शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा
shanti mantraलोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ येनेदं भूतं भुवनं भविष्यत् परिगृहीतममृतेन सर्वम् । येन यज्ञस्तायते सप्तहोता तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
dhyan mantraअहं ब्रह्मास्मि
mool mantraॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्यधिपतये धनधान्यसमृद्धिम मे देहि दापय स्वाहा
navgrah mantraॐ श्रीं क्रीं ह्रां चं चन्द्राय नमः॥