ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
चण्डी (सजीवन)

चण्डी (सजीवन) जप मंत्र

ॐ ह्रीं ह्रीं वं वं ऐं ऐं मृतसंजीवनि विधे मृतमुत्थापयोत्थापय क्रीं ह्रीं ह्रीं वं स्वाहा

सुप्त या मृतप्राय मंत्रों में प्राण-प्रतिष्ठा (सजीवन) कर उन्हें फलदायी बनाना। 29

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सुप्त या मृतप्राय मंत्रों में प्राण-प्रतिष्ठा (सजीवन) कर उन्हें फलदायी बनाना। 29

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सुप्त या मृतप्राय मंत्रों में प्राण-प्रतिष्ठा (सजीवन) कर उन्हें फलदायी बनाना

जाप विधि

२१ बार जप। 29

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