उद्देश्य अनुसार मंत्र
चण्डी (सजीवन)
चण्डी (सजीवन) जप मंत्र
ॐ ह्रीं ह्रीं वं वं ऐं ऐं मृतसंजीवनि विधे मृतमुत्थापयोत्थापय क्रीं ह्रीं ह्रीं वं स्वाहा
सुप्त या मृतप्राय मंत्रों में प्राण-प्रतिष्ठा (सजीवन) कर उन्हें फलदायी बनाना। 29
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
सुप्त या मृतप्राय मंत्रों में प्राण-प्रतिष्ठा (सजीवन) कर उन्हें फलदायी बनाना। 29
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सुप्त या मृतप्राय मंत्रों में प्राण-प्रतिष्ठा (सजीवन) कर उन्हें फलदायी बनाना
जाप विधि
२१ बार जप। 29
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