अन्य वैदिक देवता नाम मंत्र
मित्र
विश्व में सभी से मित्रता, शत्रुओं का पूर्ण अभाव एवं आपसी सौहार्द।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
विश्व में सभी से मित्रता, शत्रुओं का पूर्ण अभाव एवं आपसी सौहार्द।
इस मंत्र से क्या होगा?
विश्व में सभी से मित्रता, शत्रुओं का पूर्ण अभाव एवं आपसी सौहार्द
जाप विधि
प्रातःकाल सूर्योदय के समय नेत्र बंद करके वैखरी जप।
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क्षीरोदन्वत्प्रदेशे शुचिमणिविलसत्सैकतेमौक्तिकानां मालाक्लृप्तासनस्थः स्फटिकमणिनिभैमौक्तिकैर्मण्डिताङ्गः। शुभ्रैरभ्रैरदभ्रैरुपरिविरचितैर्मुक्तपीयूष वर्षेः आनन्दी नः पुनीयादरिनलिनगदा शङ्खपाणिर्मुकुन्दः ॥ 10
sabar mantraॐ नमो आदेश गुरु का आदेश काली काली महाकाली इन्द्र की बेटी ब्रम्हा की साली चाम की गठरी हाड़ की माला भजो आनन्द सुंदरी बाला। भरपूर वसन करले उठाई काम क्रन्ति कलिका आई लुच्ची मोहन भोग भेट कड़ाही जहा भेजा वहा जाई कष्ट दुखो से लेव बचाई सभी देत्यन को मार भगाई आदि अंत तू रही सहाई में पूत तू मेरी माई सब दुखन से लेव बचाई गुरु की शक्ति हमारी भक्ति फुरे मंत्र दोहाई काली की ईश्वरो वाचा 12
vaidik mantraॐ यस्मिन्नृचः साम यजूंषि यस्मिन् प्रतिष्ठिता रथनाभाविवाराः । यस्मिंश्चित्तं सर्वमोतं प्रजानां तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
shanti mantraॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता । मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् । आविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः । श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्
navgrah mantraॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥