शनि देव बीज बीज मंत्र
शं
शनि दोष की सामान्य शांति, दुर्भाग्य से बचाव और आध्यात्मिक अनुशासन का विकास 70।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शनि दोष की सामान्य शांति, दुर्भाग्य से बचाव और आध्यात्मिक अनुशासन का विकास 70।
इस मंत्र से क्या होगा?
शनि दोष की सामान्य शांति, दुर्भाग्य से बचाव और आध्यात्मिक अनुशासन का विकास
जाप विधि
शाम या रात के समय 108 बार 16।
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केशव
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kavach mantraऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34
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