भगवान शिव / शिवपराध क्षमापन स्तोत्र (शंकराचार्य कृत) स्तोत्र मंत्र
आयुर्नश्यति पश्यतां प्रतिदिनं यातं यौवनं प्रत्यायान्ति गताः पुनर्न दिवसाः कालो जगद्भक्षकः। लक्ष्मीस्तोयतरङ्गभङ्गचपला विद्युच्चलं जीवितं तस्मान्मां शरणागतं शरणद त्वं रक्ष रक्षाधुना॥ 21
ज्ञात-अज्ञात अपराधों की क्षमा, करुणा सागर भगवान शिव की शरण और कृपा प्राप्ति 20।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
ज्ञात-अज्ञात अपराधों की क्षमा, करुणा सागर भगवान शिव की शरण और कृपा प्राप्ति 20।
इस मंत्र से क्या होगा?
ज्ञात-अज्ञात अपराधों की क्षमा, करुणा सागर भगवान शिव की शरण और कृपा प्राप्ति
जाप विधि
पूजा के अंत में मन, कर्म, वचन और इंद्रियों द्वारा किए गए पापों के प्रायश्चित हेतु भावपूर्ण पाठ करें 20।
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ॐ ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् । तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥
shanti mantraलोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
dhyan mantraशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
naam mantraवज्रपाणि
ugra mantraॐ ह्रीं ह्रीं हूं हूं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा
sabar mantraओम नमो भूत प्रेत पिशाच दुष्ट दृष्टि विनाशाय ओम क्लीम स्वाहा 27