मातंगी (कला एवं वशीकरण) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रीं ऐं मातंग्यै नमः
सामाजिक आकर्षण (Social Charisma) में अपार वृद्धि, मानसिक शांति और संगीत/कला में उच्च कोटि की निपुणता 37।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सामाजिक आकर्षण (Social Charisma) में अपार वृद्धि, मानसिक शांति और संगीत/कला में उच्च कोटि की निपुणता 37।
इस मंत्र से क्या होगा?
सामाजिक आकर्षण (Social Charisma) में अपार वृद्धि, मानसिक शांति और संगीत/कला में उच्च कोटि की निपुणता
जाप विधि
देवी को सफेद व रंग-बिरंगे पुष्प, मिठाई तथा दूध का भोग लगाते हुए शांत चित्त से एकांत में जप करें 36।
विशेष टिप्पणियाँ
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झाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
kavach mantraऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34
ugra mantraॐ नमो विपरीत-प्रत्यंगिरायै सहस्त्रानेक-कार्य-लोचनायै कोटि-विद्युज्जिह्वायै महा-व्याव्यापिन्यै संहार-रुपायै जन्म-शान्ति-कारिण्यै। मम स-परिवारकस्य भावि-भूत-भवच्छत्रून् स-दाराऽपत्यान् संहारय संहारय, महा-प्रभावं दर्शय दर्शय, हिलि हिलि, किलि किलि, मिलि मिलि, चिलि चिलि, भूरि भूरि, विद्युज्जिह्वे, ज्वल ज्वल, प्रज्वल प्रज्वल, ध्वंसय ध्वंसय, प्रध्वंसय प्रध्वंसय, ग्रासय ग्रासय, पिब पिब, नाशय नाशय, त्रासय त्रासय, वित्रासय वित्रासय, मारय मारय, विमारय विमारय, भ्रामय भ्रामय, विभ्रामय विभ्रामय, द्रावय द्रावय, विद्रावय विद्रावय हूं हूं फट् स्वाहा।।
naam mantraवज्रपाणि
jap mantraश्री राम दूताय नम:
siddh mantraॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा