माता दुर्गा / दुर्गा सप्तशती (सिद्ध सम्पुट स्तोत्र) स्तोत्र मंत्र
सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम्॥ 24
सर्व प्रकार की बाधाओं की शांति और संकटों का निवारण 24।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्व प्रकार की बाधाओं की शांति और संकटों का निवारण 24।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व प्रकार की बाधाओं की शांति और संकटों का निवारण
जाप विधि
संपूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ के अंतर्गत ज्ञानी गुरु के मार्गदर्शन में सम्पुट लगाकर जप करें 24।
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ॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
gyan mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः ॥
naam mantraवैद्यनाथ
tantrik mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
sabar mantraओम कलीम कामाख्या नजर तोड़े बंधन तोड़े बाधा तोड़े शत्रु की बुद्धि तोड़े ना तोड़े तो उमानंद भैरव की आन 17
siddh mantraइदमिन्द्र प्रति हव्यं गृभाय सत्याः सन्तु यजमानस्य कामाः