माता दुर्गा / दुर्गा सप्तशती (सिद्ध सम्पुट स्तोत्र) स्तोत्र मंत्र
सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम्॥ 24
सर्व प्रकार की बाधाओं की शांति और संकटों का निवारण 24।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्व प्रकार की बाधाओं की शांति और संकटों का निवारण 24।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व प्रकार की बाधाओं की शांति और संकटों का निवारण
जाप विधि
संपूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ के अंतर्गत ज्ञानी गुरु के मार्गदर्शन में सम्पुट लगाकर जप करें 24।
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ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
navgrah mantraॐ जैमिनिगोत्राय विद्महे धूम्रवर्णाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।
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vaidik mantraॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशांगुलम् ॥
tantrik mantraॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्