सूर्य नवग्रह मंत्र
ॐ आदित्याय विद्महे सहस्रकिरणाय धीमहि तन्नो भानुः प्रचोदयात्।
शत्रुओं पर पूर्ण विजय, असाध्य शारीरिक रोगों से मुक्ति और समाज में उच्च पद-प्रतिष्ठा व अनंत ऊर्जा की प्राप्ति हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शत्रुओं पर पूर्ण विजय, असाध्य शारीरिक रोगों से मुक्ति और समाज में उच्च पद-प्रतिष्ठा व अनंत ऊर्जा की प्राप्ति हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रुओं पर पूर्ण विजय, असाध्य शारीरिक रोगों से मुक्ति और समाज में उच्च पद-प्रतिष्ठा व अनंत ऊर्जा की प्राप्ति हेतु
जाप विधि
आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ के साथ या स्वतंत्र रूप से रविवार को एक सौ आठ बार लाल चंदन की माला से जप। 16
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