सूर्य नवग्रह मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः
सामान्य सूर्य दोष की दैनिक शांति, शारीरिक तेज व स्वास्थ्य में सुधार, सरकारी नौकरी के प्रयासों में आ रही बाधाओं का निवारण और विलंब से हो रहे राजकीय कार्यों की शीघ्र सिद्धि हेतु। 7
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सामान्य सूर्य दोष की दैनिक शांति, शारीरिक तेज व स्वास्थ्य में सुधार, सरकारी नौकरी के प्रयासों में आ रही बाधाओं का निवारण और विलंब से हो रहे राजकीय कार्यों की शीघ्र सिद्धि हेतु। 7
इस मंत्र से क्या होगा?
सामान्य सूर्य दोष की दैनिक शांति, शारीरिक तेज व स्वास्थ्य में सुधार, सरकारी नौकरी के प्रयासों में आ रही बाधाओं का निवारण और विलंब से हो रहे राजकीय कार्यों की शीघ्र सिद्धि हेतु
जाप विधि
रविवार प्रातः स्नान के पश्चात् रुद्राक्ष की माला से सात हजार बार जप करना चाहिए। इसे नित्य पूजा में एक माला के क्रम में भी जपा जा सकता है। 7
विशेष टिप्पणियाँ
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धूं धूं तंत्र बंधम स्तंभय नाशाय ठ: ठ: फट्
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bhakti mantraहरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
gyan mantraॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
dhyan mantraकस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम्। सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणिः॥