भगवान मेधा दक्षिणामूर्ति (ज्ञान के आदिगुरु शिव स्वरूप) ज्ञान मंत्र
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥
अज्ञानता का निवारण, आत्मज्ञान, विलक्षण स्मरण शक्ति और विद्यार्जन में पूर्ण सिद्धि 16।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अज्ञानता का निवारण, आत्मज्ञान, विलक्षण स्मरण शक्ति और विद्यार्जन में पूर्ण सिद्धि 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञानता का निवारण, आत्मज्ञान, विलक्षण स्मरण शक्ति और विद्यार्जन में पूर्ण सिद्धि
जाप विधि
ऋष्यादि न्यास, ध्यान एवं पञ्चोपचार पूजन के पश्चात् नित्य १०८ बार माला से जप। पूर्ण फल हेतु ३,२०,००० का पुरश्चरण 16।
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