माँ वाग्वादिनी सरस्वती ज्ञान मंत्र
वद वद वाग्वादिनी स्वाहा ॥
वाक्-सिद्धि, स्पष्ट उच्चारण, शास्त्रार्थ में विजय और तीव्र ज्ञानार्जन 4।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
वाक्-सिद्धि, स्पष्ट उच्चारण, शास्त्रार्थ में विजय और तीव्र ज्ञानार्जन 4।
इस मंत्र से क्या होगा?
वाक्-सिद्धि, स्पष्ट उच्चारण, शास्त्रार्थ में विजय और तीव्र ज्ञानार्जन
जाप विधि
विद्यार्जन, वाक्-क्षमता और कुशाग्रता हेतु नित्य जप 4।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति । दूरंगमं ज्योतिषां ज्योतिरेकं तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
beej mantraभ्रं
stotra mantraदेवासुर मनुष्याश्च सिद्ध विद्या धरोरगाः त्वया विलोकिताः सर्वे नाश यान्ति समूलतः। प्रसाद कुरु मे सौरे वरदो भव भास्करे एवं स्तुतस्तदा ग्रह राजो महाबलः। 47
bhakti mantraउग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्
navgrah mantraपलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम्। रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्॥
naam mantraउशना