ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माँ वाग्वादिनी सरस्वती

माँ वाग्वादिनी सरस्वती ज्ञान मंत्र

वद वद वाग्वादिनी स्वाहा ॥

वाक्-सिद्धि, स्पष्ट उच्चारण, शास्त्रार्थ में विजय और तीव्र ज्ञानार्जन 4।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

वाक्-सिद्धि, स्पष्ट उच्चारण, शास्त्रार्थ में विजय और तीव्र ज्ञानार्जन 4।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वाक्-सिद्धि, स्पष्ट उच्चारण, शास्त्रार्थ में विजय और तीव्र ज्ञानार्जन

जाप विधि

विद्यार्जन, वाक्-क्षमता और कुशाग्रता हेतु नित्य जप 4।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kavach mantra

ॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4

beej mantra

सुं

ugra mantra

ॐ स्त्रीं आं अक्षोभ्य स्वाहा

shanti mantra

लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

navgrah mantra

ॐ ह्रीं श्रीं ख्रीं ऐं ग्लौं ग्रहाधिपतये बृहस्पतये ब्रीं ठः ऐं ठः श्रीं ठः स्वाहा॥

sabar mantra

ओम चौकी हनुमत वीर की बाण ध्वजा फहराए मारू मारू मारुत सुत मुष्टिक शत्रु नसाय मेरे इष्ट रामचंद्र जी अगुवा हनुमंता वीर चौकी सुदर्शन चक्र की रक्षा करें शरीर टोना ब्रह्म भूत प्रेत संग डाईन डाकिनी सांप बिच्छू चोर बट सब कुछ निष्फल जाई 6