भगवान भैरव बीज बीज मंत्र
भ्रं
यह भ्रम बीज है, जिसका उपयोग जीवन में सकारात्मक और तीव्र बदलाव लाने, अवांछित शक्तियों से रक्षा करने, आकर्षण का केंद्र बनने और परम सुरक्षा कवच निर्मित करने के लिए किया जाता है 21।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह भ्रम बीज है, जिसका उपयोग जीवन में सकारात्मक और तीव्र बदलाव लाने, अवांछित शक्तियों से रक्षा करने, आकर्षण का केंद्र बनने और परम सुरक्षा कवच निर्मित करने के लिए किया जाता है 21।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह भ्रम बीज है, जिसका उपयोग जीवन में सकारात्मक और तीव्र बदलाव लाने, अवांछित शक्तियों से रक्षा करने, आकर्षण का केंद्र बनने और परम सुरक्षा कवच निर्मित करने के लिए किया जाता है
जाप विधि
मंगलवार, शनिवार या अमावस्या के दिन से प्रारंभ कर निरंतर 27 दिनों तक रुद्राक्ष की माला से पूर्ण श्रद्धा के साथ जप करें 21।
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नासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यंगिरे सर्वदुष्टान प्राचं छिन्धि छिन्धि
shanti mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
sabar mantraओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24
siddh mantraॐ ह्रीं द्रां दत्तात्रेय हरेकृष्ण उन्मत्तानन्द दायक दिगम्बर । मुने बाल पिशाच ज्ञान सागर द्रां ह्रीं ॐ ॥
navgrah mantraॐ आदित्याय सोमाय मङ्गलाय बुधाय च। गुरु शुक्र शनिभ्यश्च राहवे केतवे नमः॥