भगवान विष्णु (अष्टाक्षर मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ नमो नारायणाय
इस मंत्र के जप से चित्त की चंचलता समाप्त होकर गहन शांति प्राप्त होती है, मन में प्राणिमात्र के प्रति दया भाव जाग्रत होता है, पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं और अंततः साधक को वैकुण्ठ (मोक्ष) की प्राप्ति ह
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
इस मंत्र के जप से चित्त की चंचलता समाप्त होकर गहन शांति प्राप्त होती है, मन में प्राणिमात्र के प्रति दया भाव जाग्रत होता है, पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं और अंततः साधक को वैकुण्ठ (मोक्ष) की प्राप्ति होती है 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
इस मंत्र के जप से चित्त की चंचलता समाप्त होकर गहन शांति प्राप्त होती है, मन में प्राणिमात्र के प्रति दया भाव जाग्रत होता है, पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं और अंततः साधक को वैकुण्ठ (मोक्ष) की प्राप्ति होती है
जाप विधि
प्रातःकाल सूर्योदय के समय पीले वस्त्र धारण कर पीले आसन पर बैठें। तुलसी या चंदन की पवित्र माला से पूर्व दिशा की ओर मुख करके नित्य १०८ बार जप करें 1।
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