वायु मूल मंत्र
ॐ वायुदेवाय नमः
श्वास संबंधी रोगों से मुक्ति, मन की चंचलता पर नियंत्रण, जीवन में स्थिरता, सुरक्षा एवं असीम शारीरिक बल की प्राप्ति 53।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
श्वास संबंधी रोगों से मुक्ति, मन की चंचलता पर नियंत्रण, जीवन में स्थिरता, सुरक्षा एवं असीम शारीरिक बल की प्राप्ति 53।
इस मंत्र से क्या होगा?
श्वास संबंधी रोगों से मुक्ति, मन की चंचलता पर नियंत्रण, जीवन में स्थिरता, सुरक्षा एवं असीम शारीरिक बल की प्राप्ति
जाप विधि
शांत व खुले स्थान पर प्राणायाम के पश्चात् वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) की ओर मुख कर स्फटिक की माला से १०८ बार जप करें 53।
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