कल्कि अवतार मूल मंत्र
ॐ कल्किने नमः
कलियुग के दोषों एवं पापों का शमन, धर्म की स्थापना, भविष्य के अज्ञात संकटों से सुरक्षा एवं आध्यात्मिक तथा भौतिक उन्नति 32।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कलियुग के दोषों एवं पापों का शमन, धर्म की स्थापना, भविष्य के अज्ञात संकटों से सुरक्षा एवं आध्यात्मिक तथा भौतिक उन्नति 32।
इस मंत्र से क्या होगा?
कलियुग के दोषों एवं पापों का शमन, धर्म की स्थापना, भविष्य के अज्ञात संकटों से सुरक्षा एवं आध्यात्मिक तथा भौतिक उन्नति
जाप विधि
संध्या काल में पीले आसन पर बैठकर तुलसी की माला से १०८ बार निष्काम भाव से जप करें 32।
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