संतान गोपाल (कृष्ण) मूल मंत्र
ॐ देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगतपते देही मे तनय कृष्ण त्वामह शरणं गतः
सुयोग्य एवं स्वस्थ संतान की प्राप्ति, बार-बार हो रहे गर्भपात या संतान संबंधी बाधाओं का निवारण एवं पारिवारिक पूर्णता 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सुयोग्य एवं स्वस्थ संतान की प्राप्ति, बार-बार हो रहे गर्भपात या संतान संबंधी बाधाओं का निवारण एवं पारिवारिक पूर्णता 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
सुयोग्य एवं स्वस्थ संतान की प्राप्ति, बार-बार हो रहे गर्भपात या संतान संबंधी बाधाओं का निवारण एवं पारिवारिक पूर्णता
जाप विधि
कदंब वृक्ष के नीचे या घर के एकांत पूजा स्थल पर तुलसी की माला से नित्य १०८ बार अथवा अनुष्ठान के रूप में सवा लाख बार जप किया जाता है। घृत युक्त कमल पुष्प या बिल्व फल से आहुति भी दी जा सकती है 28।
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