एकादश रुद्र (भीम रुद्र) मूल मंत्र
ॐ ऐं ऐं मनो वाञ्छित सिद्धये ऐं ऐं ॐ
मन की गुह्य एवं अभीष्ट कामनाओं की तीव्रतम सिद्धि, कार्य सफलता एवं बौद्धिक क्षमता (ऐं बीज के प्रभाव से) का विकास 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मन की गुह्य एवं अभीष्ट कामनाओं की तीव्रतम सिद्धि, कार्य सफलता एवं बौद्धिक क्षमता (ऐं बीज के प्रभाव से) का विकास 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
मन की गुह्य एवं अभीष्ट कामनाओं की तीव्रतम सिद्धि, कार्य सफलता एवं बौद्धिक क्षमता (ऐं बीज के प्रभाव से) का विकास
जाप विधि
सोमवार के दिन शिवलिंग के समक्ष कुशा या ऊनी आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से एकाग्रचित्त होकर जप करें 7।
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siddh mantraक ए ई ल ह्रीं । ह स क ह ल ह्रीं । स क ल ह्रीं ॥
ugra mantraॐ धूं धूं धूं धूमावती माम रक्ष रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा
dhyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
navgrah mantraॐ सों सोमाय नमः