भगवान गणेश (सामान्य मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
कार्य में आने वाली समस्त विघ्न-बाधाओं का निवारण, नवीन कार्यों का निर्विघ्न आरंभ, आध्यात्मिक प्रबुद्धता एवं सर्वत्र सफलता की प्राप्ति 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कार्य में आने वाली समस्त विघ्न-बाधाओं का निवारण, नवीन कार्यों का निर्विघ्न आरंभ, आध्यात्मिक प्रबुद्धता एवं सर्वत्र सफलता की प्राप्ति 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
कार्य में आने वाली समस्त विघ्न-बाधाओं का निवारण, नवीन कार्यों का निर्विघ्न आरंभ, आध्यात्मिक प्रबुद्धता एवं सर्वत्र सफलता की प्राप्ति
जाप विधि
प्रातःकाल लाल आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से १०८ बार जप करें 1।
विशेष टिप्पणियाँ
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ब्रह्मचारिणी
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