ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
इन्द्र (वैदिक देवता)

इन्द्र (वैदिक देवता) मूल मंत्र

ॐ ऐं इन्द्राय नमः (वैवाहिक सिद्धि हेतु: ॐ लं इन्द्राय नमः)

साहस, नेतृत्व क्षमता, शासकीय कार्यों में सफलता तथा भौतिक समृद्धि की प्राप्ति। 'लं' बीज युक्त मंत्र का प्रयोग विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में आ रही देरी का निवारण एवं दांपत्य में सामंजस्य स्थापित करने हे

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

साहस, नेतृत्व क्षमता, शासकीय कार्यों में सफलता तथा भौतिक समृद्धि की प्राप्ति। 'लं' बीज युक्त मंत्र का प्रयोग विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में आ रही देरी का निवारण एवं दांपत्य में सामंजस्य स्थापित करने हेतु किया जाता है 50।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

साहस, नेतृत्व क्षमता, शासकीय कार्यों में सफलता तथा भौतिक समृद्धि की प्राप्ति

02

'लं' बीज युक्त मंत्र का प्रयोग विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में आ रही देरी का निवारण एवं दांपत्य में सामंजस्य स्थापित करने हेतु किया जाता है

जाप विधि

प्रातःकाल पूर्व दिशा की ओर मुख करके पीले या लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष माला से १०८ बार जप करें। इन्द्राभिषेक या अनुष्ठान के समय इस मंत्र को गंध मिश्रित जल के कलश के समक्ष जपा जाता है 50।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें