भगवान राम (तारक मंत्र) मूल मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम
मानसिक शांति, जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष की प्राप्ति, जीवन के सभी प्रकार के दुखों का अंत एवं हृदय में परम भक्ति की जागृति 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मानसिक शांति, जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष की प्राप्ति, जीवन के सभी प्रकार के दुखों का अंत एवं हृदय में परम भक्ति की जागृति 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक शांति, जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष की प्राप्ति, जीवन के सभी प्रकार के दुखों का अंत एवं हृदय में परम भक्ति की जागृति
जाप विधि
यह एक सिद्ध तारक मंत्र है जिसे किसी भी समय, किसी भी अवस्था में मानसिक रूप से या तुलसी माला पर १०८ बार जपा जा सकता है 1।
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दं
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
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naam mantraशारदा
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