ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
विपरीत प्रत्यंगिरा

विपरीत प्रत्यंगिरा उग्र मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यंगिरे सर्वदुष्टान प्राचं छिन्धि छिन्धि

उग्र रक्षात्मक कवच का निर्माण, दुष्टों व शत्रुओं के प्राण व बुद्धि का तीव्र विच्छेदन 3।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

उग्र रक्षात्मक कवच का निर्माण, दुष्टों व शत्रुओं के प्राण व बुद्धि का तीव्र विच्छेदन 3।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

उग्र रक्षात्मक कवच का निर्माण, दुष्टों व शत्रुओं के प्राण व बुद्धि का तीव्र विच्छेदन

जाप विधि

कुलार्णव तंत्र और रुद्रयामल तंत्र के निर्देशानुसार, बिना गुरु दीक्षा और उचित संस्कार के इस उग्र मंत्र का जप अनिष्टकारी हो सकता है। सुयोग्य तंत्राचार्य के मार्गदर्शन में ही जप करें 3।

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