भगवान श्री राम / श्रीरामरक्षास्तोत्रम् (बुधकौशिक मुनि) स्तोत्र मंत्र
कूजन्तं राम-रामेति मधुरं मधुराक्षरम् । आरुह्य कविताशाखां वन्दे वाल्मीकिकोकिलम् ॥ 16
सर्वत्र विजय, संकटों से रक्षा, भयमुक्ति, और सुख-सम्पदा की पूर्ण प्राप्ति 16।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्वत्र विजय, संकटों से रक्षा, भयमुक्ति, और सुख-सम्पदा की पूर्ण प्राप्ति 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्वत्र विजय, संकटों से रक्षा, भयमुक्ति, और सुख-सम्पदा की पूर्ण प्राप्ति
जाप विधि
ग्रहण काल में निरंतर पाठ, या चैत्र नवरात्रि में 9 दिनों तक 11 या 108 पाठ कर सिद्ध किया जाता है 17।
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