माँ दुर्गा बीज बीज मंत्र
दुं
इस बीज में 'द' दुर्गा का और 'उ' रक्षा का प्रतीक है। यह ईश्वरीय सुरक्षा, असीम शारीरिक और मानसिक शक्ति, अदम्य साहस, गंभीर समस्याओं व रोगों का शमन और भयंकर शत्रुओं पर पूर्ण विजय सुनिश्चित करता है 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
इस बीज में 'द' दुर्गा का और 'उ' रक्षा का प्रतीक है। यह ईश्वरीय सुरक्षा, असीम शारीरिक और मानसिक शक्ति, अदम्य साहस, गंभीर समस्याओं व रोगों का शमन और भयंकर शत्रुओं पर पूर्ण विजय सुनिश्चित करता है 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
इस बीज में 'द' दुर्गा का और 'उ' रक्षा का प्रतीक है
यह ईश्वरीय सुरक्षा, असीम शारीरिक और मानसिक शक्ति, अदम्य साहस, गंभीर समस्याओं व रोगों का शमन और भयंकर शत्रुओं पर पूर्ण विजय सुनिश्चित करता है
जाप विधि
प्रातः काल लाल आसन पर बैठकर स्फटिक या रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। विशेष लाभ हेतु इसे नवरात्रि पर्व के दौरान जपें 3।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
उपेंद्र
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraधूं धूं तंत्र बंधम स्तंभय नाशाय ठ: ठ: फट्
navgrah mantraॐ ऐं जं गं ग्रहेश्वराय शुक्राय नमः॥
stotra mantraछायायां पारिजातस्य हेमसिंहासनोपरि आसीनमम्बुदश्याममायताक्षमलंकृतम्। चन्द्राननं चतुर्बाहुं श्रीवत्साङ्कित वक्षसं रुक्मिणी सत्यभामाभ्यां सहितं कृष्णमाश्रये ॥ 12
bhakti mantraश्री कृष्णः शरणं मम