माँ बगलामुखी (पीतांबरा विद्या) बीज बीज मंत्र
ह्लीं
भयंकर शत्रुओं को स्तम्भित करना (Paralyze enemies), कानूनी और अदालती विवादों (Court Cases) में सुनिश्चित व अभूतपूर्व विजय, और बुरी ताकतों व प्रतिस्पर्धियों का सर्वनाश 36।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भयंकर शत्रुओं को स्तम्भित करना (Paralyze enemies), कानूनी और अदालती विवादों (Court Cases) में सुनिश्चित व अभूतपूर्व विजय, और बुरी ताकतों व प्रतिस्पर्धियों का सर्वनाश 36।
इस मंत्र से क्या होगा?
भयंकर शत्रुओं को स्तम्भित करना (Paralyze enemies), कानूनी और अदालती विवादों (Court Cases) में सुनिश्चित व अभूतपूर्व विजय, और बुरी ताकतों व प्रतिस्पर्धियों का सर्वनाश
जाप विधि
पीले वस्त्र धारण कर, पीले आसन पर बैठकर, हल्दी की माला से 108 बार पूर्ण संयम के साथ जप करें (तांत्रिक गुरु के दिशा-निर्देशन में अति उत्तम) 36।
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ॐ रामाय नमः
sabar mantraॐ नमो आदेश गुरु का आदेश काली काली महाकाली इन्द्र की बेटी ब्रम्हा की साली चाम की गठरी हाड़ की माला भजो आनन्द सुंदरी बाला। भरपूर वसन करले उठाई काम क्रन्ति कलिका आई लुच्ची मोहन भोग भेट कड़ाही जहा भेजा वहा जाई कष्ट दुखो से लेव बचाई सभी देत्यन को मार भगाई आदि अंत तू रही सहाई में पूत तू मेरी माई सब दुखन से लेव बचाई गुरु की शक्ति हमारी भक्ति फुरे मंत्र दोहाई काली की ईश्वरो वाचा 12
ugra mantraॐ खें खां खं फट् प्राण-ग्रहासि प्राण-ग्रहासि हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणाय शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा
naam mantraपद्मनाभ
jap mantraॐ कालभैरवाय नमः
kavach mantraश्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27