भगवान विष्णु नाम मंत्र
पद्मनाभ
सृजनात्मकता (Creativity) का विकास, ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य और नवीन ऊर्जा की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सृजनात्मकता (Creativity) का विकास, ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य और नवीन ऊर्जा की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
सृजनात्मकता (Creativity) का विकास, ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य और नवीन ऊर्जा की प्राप्ति
जाप विधि
नाभि चक्र (मणिपूर चक्र) पर ध्यान करते हुए एकांत में मानसिक जप।
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ॐ नमो आदेश गुरु का आदेश काली काली महाकाली इन्द्र की बेटी ब्रम्हा की साली चाम की गठरी हाड़ की माला भजो आनन्द सुंदरी बाला। भरपूर वसन करले उठाई काम क्रन्ति कलिका आई लुच्ची मोहन भोग भेट कड़ाही जहा भेजा वहा जाई कष्ट दुखो से लेव बचाई सभी देत्यन को मार भगाई आदि अंत तू रही सहाई में पूत तू मेरी माई सब दुखन से लेव बचाई गुरु की शक्ति हमारी भक्ति फुरे मंत्र दोहाई काली की ईश्वरो वाचा 12
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
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siddh mantraॐ वाग्देव्यैच विद्महे ब्रह्म-पत्न्यैच धीमहि। तन्नो वाणी प्रचोदयात्॥
jap mantraॐ श्रीं क्लीं ह्रीं सप्तशति चण्डिके उत्कीलनं कुरु कुरु स्वाहा