भगवान विष्णु नाम मंत्र
पद्मनाभ
सृजनात्मकता (Creativity) का विकास, ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य और नवीन ऊर्जा की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सृजनात्मकता (Creativity) का विकास, ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य और नवीन ऊर्जा की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
सृजनात्मकता (Creativity) का विकास, ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य और नवीन ऊर्जा की प्राप्ति
जाप विधि
नाभि चक्र (मणिपूर चक्र) पर ध्यान करते हुए एकांत में मानसिक जप।
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ॐ
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यंगिरे सर्वदुष्टान प्राचं छिन्धि छिन्धि
sabar mantraझाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
vaidik mantraॐ अप्सरासु च या मेधा गन्धर्वेषु च यन्मनः । दैवीं मेधा सरस्वती सा मां मेधा सुरभिर्जुषतां स्वाहा ॥
tantrik mantraॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः