ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
वरुण

वरुण मूल मंत्र

ॐ वरुणाय नमः

शरीर में जल तत्व का संतुलन, उग्र भावनाओं पर नियंत्रण, जल संबंधी भयों से रक्षा तथा जीवन में मानसिक शीतलता व पवित्रता का संचार 53।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शरीर में जल तत्व का संतुलन, उग्र भावनाओं पर नियंत्रण, जल संबंधी भयों से रक्षा तथा जीवन में मानसिक शीतलता व पवित्रता का संचार 53।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शरीर में जल तत्व का संतुलन, उग्र भावनाओं पर नियंत्रण, जल संबंधी भयों से रक्षा तथा जीवन में मानसिक शीतलता व पवित्रता का संचार

जाप विधि

जल स्थान के समीप या शुद्ध जल का पात्र सामने रखकर पश्चिम दिशा की ओर मुख करते हुए तुलसी या रुद्राक्ष माला से जप करें 53।

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