माता दुर्गा / दुर्गा सप्तशती (सिद्ध सम्पुट स्तोत्र) स्तोत्र मंत्र
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥ 23
विश्व रक्षा और महामारी आदि का विनाश 23।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
विश्व रक्षा और महामारी आदि का विनाश 23।
इस मंत्र से क्या होगा?
विश्व रक्षा और महामारी आदि का विनाश
जाप विधि
संपूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ के अंतर्गत ज्ञानी गुरु के मार्गदर्शन में सम्पुट लगाकर जप करें 24।
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ओम कलीम कामाख्या नजर तोड़े बंधन तोड़े बाधा तोड़े शत्रु की बुद्धि तोड़े ना तोड़े तो उमानंद भैरव की आन 17
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
ugra mantraॐ खं खं खं सर्व शत्रु संहारणाय स्वाहा
dhyan mantraध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्। वामाङ्कारूढ सीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालङ्कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डनं रामचन्द्रम्॥
beej mantraग्रीं
jap mantraॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः